उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव। आपकी हर कानूनी समस्या का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
कानून केवल किताबों में नहीं, बल्कि जनता की सेवा में है। मेरा लक्ष्य हर मुवक्किल को उनका न्याय दिलाना है।
अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में पंजीकृत हैं। पिछले 20 वर्षों में उन्होंने सैकड़ों जटिल मामलों में सफलता प्राप्त की है — चाहे वह दीवानी विवाद हो, आपराधिक मामले हों, या पारिवारिक कानून से जुड़े प्रकरण।
उनकी विशेषता है कि वे हर केस को व्यक्तिगत ध्यान और गहन अनुसंधान के साथ संभालते हैं। सरल भाषा में कानूनी जानकारी देना और मुवक्किल को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना उनकी कार्यशैली की पहचान है।
आपराधिक से लेकर दीवानी मामलों तक, हम हर कानूनी ज़रूरत में आपके साथ हैं।
FIR, जमानत, बचाव पक्ष की पैरवी, अपील। सत्र न्यायालय से उच्च न्यायालय तक प्रतिनिधित्व।
भूमि विवाद, किरायेदारी, बँटवारा, वसीयत, रजिस्ट्री सम्बन्धी मामले।
तलाक, बच्चे की कस्टडी, गुजारा भत्ता, घरेलू हिंसा, उत्तराधिकार।
अनुबंध विवाद, साझेदारी, कंपनी कानून, ऋण वसूली, उपभोक्ता मामले।
अवैध बर्खास्तगी, मुआवज़ा, EPF/ESI विवाद, श्रम न्यायालय मामले।
मौलिक अधिकार, रिट याचिका, PIL, सरकारी आदेश को चुनौती।
जो बात हमें अलग बनाती है
कोई छुपी लागत नहीं। शुरुआत में ही स्पष्ट जानकारी और किफ़ायती दरें।
हर मुवक्किल का केस सीधे वरिष्ठ अधिवक्ता की निगरानी में।
आपात स्थिति में तत्काल परामर्श। हम जब चाहिए, उपलब्ध हैं।
आपकी जानकारी पूर्णतः सुरक्षित और गोपनीय रहती है।
हमारे मुवक्किलों के अनुभव हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।
"संपत्ति विवाद में 5 साल से परेशान था। राजेश जी ने 6 महीने में मामला सुलझा दिया। उनकी मेहनत और लगन अतुलनीय है।"
"तलाक के मामले में बहुत भावनात्मक समय था। वकील साहब ने न केवल कानूनी सहायता दी बल्कि मनोबल भी बनाए रखा।"
"झूठे आपराधिक मामले में फँसा था। राजेश जी की कुशल पैरवी से बाइज्ज़त बरी हुआ। ईश्वर आपको सदा सफल रखे।"
पहली परामर्श बिल्कुल निःशुल्क है। अपनी समस्या बताएँ और समाधान की राह पाएँ।